हापुड़ में ऐसा क्या हुआ था, किसने किया कासिम का कत्ल,क्यों किया वीडियो वायरल?

लखनऊ [Newsxpress.tv Ravi Dhakarey] : मेरठ के हापुड़ जिले में गौकशी को लेकर कासिम को भीड़ द्वारा पीट-पीटकर मार दिया था| इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ था.गौकशी की खबर सुनकर गुस्साई भीड़ ने कासिम और उसके साथी समीउद्दीन खेतों में दौड़ा-दौडाकर बड़ी बेरहमी से पीटा था जिससे घायल कासिम की मौके पर ही मौत हो गई और समीउद्दीन को गंभीर हालत में अस्पताल भर्ती कराया था जहां अभी भी उसका इलाज चल रहा है. वहींइस पूरे मामले पर पुलिस का कहना है कि मामला रोडरेज का है जबकि वीडियो कुछ और ही हकीकत बयान कर रहा है. वहीं घायल समीउद्दीन के परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं.

वहीं अब सवाल ये उठता है कि आखिर हापुड़ में उस दिन हुआ ऐसा क्या था, और ये वीडियो किसने वायरल किए हैं और आखिर कासिम का कसूर क्या था?

आखिर क्या है पूरा मामला

गौकशी के शक में भीड़ ने दो लोगों की बड़ी बेरहमी से पिटाई की. हम आपको बता दें कि घटना हापुड़ जिले के बछेड़ा खुर्द गांव में दिन सोमवार की है. भीड़ ने जिन दो लोगों को पीटा था जिनमें से एक की मौके पर ही मौत हो गई जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया था. जिसका अस्पताल में अभी भी इलाज चल है इस घटना दौरान वहीं भीड़ में मौजूद किसी ने इस पूरी घटना का वीडियो बना लिया. और सोशल मीडिया वायरल कर दिया था. जिसकी अब सोशल मीडिया में चर्चाएं जोरों पर हैं.

इस घटना पर पुलिस का दावा

यूपी पुलिस के अनुसार मवेशी व्यापारी कासिम और समीउद्दीन का एक बाइक सवार से झगड़ा हुआ था जिसके बाद बाइक सवार ने अपने दोस्तों को बुला लिया और दोनों को बेहरमी से पीटा था. जिसके चलते उत्तर प्रदेश पुलिस ने इस मामले को रोडरेज की घटना के तौर पर दर्ज किया था.

यूपी पुलिस की माफी

हम आपको बता दें कि यूपी पुलिस के कुछ पुलिसकर्मियों के सामने अधमरी हालत में एक शख्स को घसीटते हुए लोगों की तस्वीर और वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद यूपी पुलिस ने इस घटना को लेकर माफी मांगी है. वहीं तस्वीर में मौजूद पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर जांच के आदेश दिए हैं.

यूपी पुलिस का ट्वीट

यूपी पुलिस ने ट्वीट में लिखा है,” कि हम माफी मांगते हैं, क़ानून व्यवस्था के मामले कई बार ऐसे जाने अनजाने में कुछ बातें हो जाती हैं.”यूपी के डीजीपी मुख्यालय से यूपी पुलिस की ओर से इस घटना पर माफ़ी मांगते हुए ट्वीट किया गया,”कि हम इस घटना के लिए माफ़ी माँगते हैं. इन तस्वीरों में जो तीन पुलिसकर्मी मौजूद हैं उनको पुलिस लाइन भेज दिया गया है और इस मामले की जाँच की जा रही है. वहीं ये तस्वीर उस समय ली गई है जब पुलिस घटनास्थल पर पहुँची ही थी और पीड़ित को अस्पताल ले जाया जा रहा था और दुर्भाग्यवश उससमय एंबुलेंस उपलब्ध नहीं थी इसलिए पीड़ित को इस तरह उठाना प़ड़ा.”वहीं उन्होंने आगे लिखा है, ” कि हम यह मानते हैं कि उस समय पुलिस को संवेदनशील होना चाहिए था.

पीड़ित की गंभीर हालत को देखते हुए जल्दबाजी में पीड़ित की जान बचाने की कोशिश और क़ानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी के बीच मानवीय चिंताएं दरकिनार हो गईं.. और वहीं पीड़ित को पुलिस रिस्पान्स व्हीकल से अस्पताल ले जाया गया.”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *