19 महीने बाद नोटबंदी की खुली पोल अब तक का सबसे बड़ा घोटाला

नई दिल्ली : 8 नंबर 2016 आधी रात को मोदी सरकार द्वारा अचानक लिए गए नोटबंदी के फैसले से पुरे देश में हाहाकार मच गया था और अपने-अपने पुराने 500 और 1000 के नोटों को जमा कराने के लिए लोगों को बैंक की लाइन में सुबह से शाम तक खड़ा होना पड़ता था जिससे दर्जनों लोगों की जान चली गई थी और सारा कारोबार ठप्प पड़ गया था और करोड़ों अरबों रूपये के नोटों को काट दिया था तो कंही जला दिया गया था

वही इस फैसले के बाद देश की अर्थ व्यवस्था डगमगा गई थी और जिस नोटबंदी के फैसले को केंद्र की सत्तारूढ़ भाजपा पार्टी और मोदी सरकार काले धन और भ्रष्टाचार पर सबसे बड़ा वार बता रही थी, अब उसी नोटबंदी को लेकर कांग्रेस ने बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह पर गंभीर आरोप लगाये हैं। और कांग्रेस का आरोप है कि नोटबंदी के समय सबसे ज्यादा पुराने नोट अमित शाह के सहकारी बैंक में जमा करवाए गए हैं। वहीं इसके साथ ही कांग्रेस ने नोटबंदी को देश का सबसे बड़ा घोटाला बताया है।

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला का आरोप

दरअसल, हम आपको बतादें कि कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह पर जमकर हमला बोलते हुए कहा है कि देश में मोदी सरकार द्वारा की गई नोटबंदी अभी तक का सबसे बड़ा घोटाला है, जिस पर से अब पर्दा उठ चुका है। और 19 महीने बाद कालेधन को सफ़ेद करने के इस धंधे का अब पर्दाफ़ाश हो चुका है।

 

वहीं गुजरात में भाजपा नेताओं द्वारा चलाए जा रहे 11 जिला सहकारी बैंकों में नोटबंदी के समय मात्र 5 दिन में 14,300 करोड़ रुपये जमा किए थे। और इससे पहले आरटीआई से मिली एक जानकारी के मुताबिक अमित शाह जिस सहकारी बैंक के निदेशक हैं, वह बैंक नोटबंदी के समय सबसे ज्यादा 500 और 1000 रुपये के नोट जमा करने वाला जिला सहकारी बैंक था।

 8 नवंबर 2016 को हुई थी नोटबंदी

8 नंबर 2016 को केंद्र की सत्तारूढ़ भाजपा पार्टी और मोदी सरकार ने 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों पर प्रतिबंध लगा दिया था।जिसके बाद पुरे देश में हाहाकार मच गया था और नोटबंदी के समय बैंको की लाइन में खड़े होने से दर्जनों लोगों की मौत हो गई थी वहीं अब मुंबई के एक आरटीआई कार्यकर्ता मनोरंजन एस रॉय की जानकारी के अनुसार अहमदाबाद जिला सहकारी बैंक ने नोटबंदी होने के बाद मात्र 5 दिन के भीतर 745।59 करोड़ रुपये के पुराने नोट जमा हुए थे।जिसके बाद 14 नवंबर 2016 को सभी जिला सहकारी बैंकों के लोगों से पुराने नोट जमा करने के लिए लेने से मना कर दिया गया था, क्योंकि उस समय यह आशंका जताई गई थी कि सहकारी बैंकों के जरिए काले धन को सफेद किया जा सकता है।

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह बैंक निदेशक

वहीं हम आपको बता दें कि बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह उस समय बैंक में निदेशक पर थे और अब भी हैं। और वह इससे पहले वर्ष 2000 में भी बैंक के अध्यक्ष रहे हैं। अहमदाबाद जिला सहकारी बैंक के पास 31 मार्च 2017 को कुल 5,050 करोड़ रुपये जमा थे वहीं वित्त वर्ष 2017-18 में बैंक का शुद्ध मुनाफा 14/31 करोड़ रहा।

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