Pulwama Attack: 8 फरवरी से जारी था अलर्ट, फिर कैसे हुई सुरक्षा में चूक

कश्मीर के पुलवामा में आतंकी अपने मंसूबों में कामयाब हो गए. उरी के बाद ये पहला इतना बड़ा हमला हुआ है, जिसमें एक साथ 44 जवान शहीद हो गए. खुफिया एजेंसियों ने सात दिन पहले ही अलर्ट जारी किया था कि कश्मीर में सुरक्षाबलों को डिप्लॉयमेंट और उनके आने-जाने के रास्ते पर आतंकी IED से हमला कर सकते हैं.

ये अलर्ट संसद भवन पर हमले के दोषी अफजल गुरु और जेकेएलएफ के संस्थापक मोहम्मद मकबूल भट्ट की फांसी की बरसी से ठीक पहले जारी किया गया था. 8 फरवरी को जारी इस अलर्ट में साफ कहा गया था कि आतंकियों ने हमले का प्लान बनाया है. खुफिया एजेंसियों ने एक बड़ा अलर्ट जारी करते हुए कहा था कि आतंकी जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों के डिप्लॉयमेन्ट और उनके आने जाने के रास्ते पर IED से हमला कर सकते हैं.

अलर्ट में साफ कहा गया था कि सभी CRPF के कैम्प और पुलिस के कैम्प पर आतंकी बड़ा हमला कर सकते हैं, इसलिए सभी सुरक्षा बल सावधान रहें. इसके साथ ही एरिया को बिना सेंसिटाइज किए उस एरिया में ड्यूटी पर न जाएं. लेकिन इसके बावजूद ये चूक हुई और आतंकी बड़ा हमला करने में कामयाब हो गए.

बताया जा रहा कि आतंकियों ने सड़क किनारे ही एक गाड़ी में आईईडी प्लांट किया था. जैसे ही सीआरपीएफ की कानवाई वहां से गुजरी, वैसे ही आतंकियों ने आईईडी में धमाका कर दिया. इस कानवाई में दर्जन भर से अधिक गाड़ियां थीं. इन्हीं में से एक गाड़ी धमाके की चपेट में आ गई. धमाके में 8 जवानों के शहीद होने की खबर है. कई जवान घायल हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *