चाइनीज़ कंपनी क्यों चाहती हैं गुजरात में BJP ही जीते

गुजरात चुनाव को लेकर आए सभी एक्जिट पोल भारतीय जनता पार्टी की सत्ता में एक बार फिर वापसी दर्शा रहे हैं. लेकिन सभी को इंतजार है 18 दिसंबर को आने वाले नतीजों का. गुजरात के नतीजों का सिर्फ देश में ही नहीं बल्कि विदेश में हो रहा है. पड़ोसी चीन भी गुजरात के चुनावी नतीजों पर अपने नज़रें गढ़ाए बैठा है. चीनी कंपनियां चाहती हैं कि गुजरात में एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ही जीत हो. जिसका कारण है कि अगर बीजेपी जीतती है तो मोदी की रिफॉर्म की प्रक्रिया जारी रहेगी.

गुजरात चुनाव ब्रांड मोदी के लिए एक लिटमेस टेस्ट की तरह है. जो यह तय करेगा की आने वाले दो साल सरकार का एजेंडा क्या रहेगा. उसके बाद 2019 का लोकसभा चुनाव भी है, क्या मोदी लहर कायम रह पाएगी.

अगर गुजरात में मोदी को बड़ी जीत मिलती है तो उनका आर्थिक रिफॉर्म का सिलसिला जारी रह सकता है, जिसका इंतजार ही चीनी कंपनियां कर रही हैं. चीन की ओर से पिछले काफी समय से भारत में निवेश की मात्रा बढ़ी है. कई चीनी कंपनियों को यह विश्वास है कि भारत के नए और बड़े बाजार के रूप में तैयार हो रहा है. इसके लिए मोदी सरकार को आर्थिक फैसले ले रही है, वह चीनी कंपनियों के लिए फायदेमंद हो सकते हैं.

चीन की कुछ कंपनियों को डर है कि अगर गुजरात में मोदी की हार होती है तो केंद्र में जो उनके द्वारा कठिन आर्थिक फैसले लिए जा रहे हैं उनपर ब्रेक लग जाएगा. चूंकि, गुजरात के बाद कई अन्य राज्यों में चुनाव होने हैं. चुनावी नतीजों के बाद अन्य राज्य में भी बीजेपी को झटका लग सकता है जो भारी पड़ेगा.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *